लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने अपने बैंक खाते सीज किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि बैंक खाते फ्रीज होने के कारण वे सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई के लिए अधिवक्ताओं की फीस तक नहीं दे पा रहे हैं।
मंगलवार को अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लखनऊ स्थित उनके आवास पर मुलाकात की और पूरे मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की।
500 रुपये को लेकर मुकदमा:-
अभ्यर्थी अमित मौर्य के मुताबिक, धीरज कुमार पाण्डेय नाम के एक व्यक्ति ने बिना किसी पूर्व बातचीत के उनके बैंक खाते में 500 रुपये भेजे थे। अमित का कहना है कि वह संबंधित व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही उनसे उनका कोई संपर्क रहा है।
अभ्यर्थियों का दावा है कि इसी 500 रुपये के लेनदेन को आधार बनाकर प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। उनका आरोप है कि इसके बाद उनका बैंक खाता सीज कर दिया गया।
वकीलों की फीस देने में परेशानी
अमित मौर्य ने आरोप लगाया कि बैंक खाता सीज होने के कारण वह अपने अधिवक्ताओं को फीस देने में भी असमर्थ हैं। उनका दावा है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई प्रस्तावित है।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कानूनी पैरवी से कमजोर करने के लिए परेशान किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
अभ्यर्थियों के मुताबिक, 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में 69000 शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई होनी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सुनवाई के दौरान उसके अधिवक्ता प्रभावी तरीके से पक्ष रखें और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों से जुड़ी 6800 अभ्यर्थियों की सूची के मामले में मजबूती से पैरवी की जाए।
अभ्यर्थी विक्रम ने कहा कि पहले आरक्षण के अधिकार को लेकर उन्हें संघर्ष करना पड़ा और अब बैंक खाते सीज होने से कानूनी लड़ाई प्रभावित होने का खतरा है।
डिप्टी सीएम से कार्रवाई का आश्वासन
अभ्यर्थियों ने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनकी शिकायत सुनी और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में अमित मौर्य, विक्रम यादव, रामसुयश मौर्य, कल्पना राजपूत और इरशाद अहमद शामिल रहे।
अब अभ्यर्थियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ 8 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।
