मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के भावाखेड़ा गांव में प्रतिबंधित प्रजाति के महुआ और पलाश के पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने बीट प्रभारी की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कनकहा बीट प्रभारी अभय कुमार पाण्डेय ने जांच के दौरान भावाखेड़ा गांव में महुआ के पांच कटे हुए पेड़ों के ठूंठ पाए। इनकी गोलाई करीब 3 मीटर, 2.65 मीटर, 2.50 मीटर, 1.50 मीटर और 2.50 मीटर बताई गई है। इसके अलावा पलाश के एक पेड़ का ठूंठ भी मौके पर मिला।
जांच के दौरान पुलिस को महुआ और पलाश की लकड़ी के सात बोटे भी बरामद हुए। साथ ही करीब 15 क्विंटल जलौनी की लकड़ी मौके पर मिली, जिसे पुलिस ने कथित अवैध कटान से संबंधित बताया है।
तीन लोगों पर केस
पुलिस ने इस मामले में महेश पुत्र संतू, अजीज पुत्र नजीर, निवासी गनेशीखेड़ा, थाना निगोहां और संतोष कुमार पुत्र स्वर्गीय गुरु प्रसाद, निवासी डिब्बाखेड़ा, थाना निगोहां के खिलाफ धारा 4/10 उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976, यथासंशोधित 1998 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ पेड़ों की कटान से जुड़े अन्य तथ्यों और बरामद लकड़ी के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
