मोहनलालगंज, लखनऊ। समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने, बच्चों को नशे और अपराध से दूर रखने तथा युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 13 सितंबर को लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर ‘आत्मसम्मान रैली’ आयोजित की जाएगी। रैली की तैयारियों और इसके मुद्दों को लेकर मंगलवार को मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक अमरेश कुमार रावत के रायबरेली रोड स्थित कार्यालय पर पूर्व सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री और पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
कौशल किशोर ने कहा कि आत्मसम्मान रैली का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव खत्म कर समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूत आवाज देना है। उनका कहना था कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच सुविधाओं और अवसरों का अंतर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने प्राथमिक स्तर से ही सरकारी और निजी स्कूलों की ड्रेस एक समान करने की मांग रखी। उनके मुताबिक इससे बच्चों के बीच आर्थिक स्थिति के आधार पर पैदा होने वाली हीनभावना और भेदभाव को कम किया जा सकता है।
कक्षा छह से नशा और अपराध की पढ़ाई की मांग
कौशल किशोर ने कहा कि नशा और अपराध समाज के सामने बड़ी चुनौती हैं। बच्चों को केवल कानून और कार्रवाई के जरिए इससे बचाने के बजाय कम उम्र से ही जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने कक्षा छह से पाठ्यक्रम में नशा और अपराध से संबंधित अलग विषय शामिल करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे के दुष्परिणाम, अपराध के कारण और उसके सामाजिक प्रभावों के बारे में स्कूल स्तर पर जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में इनसे दूर रह सकें।
रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए शिक्षा में समानता के साथ-साथ युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा देना भी जरूरी है। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा के साथ ऐसी शिक्षा उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे युवा केवल डिग्री तक सीमित न रहें बल्कि उनके पास रोजगार हासिल करने के लिए आवश्यक कौशल भी हो।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के संघर्ष, विचार और बलिदान को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत बताई। इसके लिए उनके विचारों और संघर्षों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की मांग की गई।
‘राजनीतिक नहीं, जनता की रैली’
कौशल किशोर और विधायक अमरेश कुमार रावत ने कहा कि आत्मसम्मान रैली किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं होगी। इसमें संविदाकर्मी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी-अधिकारी, व्यापारी, युवा और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रैली में आने वाली जनता ही मुख्य अतिथि होगी। शिक्षा में समानता, नशामुक्त समाज, अपराधमुक्त वातावरण और रोजगारपरक शिक्षा जैसे मुद्दों को जनआंदोलन का स्वर देने का प्रयास किया जाएगा।
कौशल किशोर के अनुसार 13 सितंबर को सुबह 10 बजे राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर रैली शुरू होगी। वे रैली के मुख्य वक्ता होंगे। मलिहाबाद की पूर्व विधायक जयदेवी कौशल, मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार रावत समेत विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ समाजसेवी नागेश्वर द्विवेदी, ग्राम प्रधान ललित शुक्ला, दिग्विजय सिंह चौरसिया, रमाशंकर रावत, राजकुमार रावत, गुड्डू पासवान, बीजक प्रकाश समेत पारख महासंघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
