मोहनलालगंज, लखनऊ। सामुदायिक मिलन केंद्र के पास अधूरी पड़ी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का 22 दिनों से चल रहा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। जिलाधिकारी से हुई वार्ता में दो दिन के भीतर जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कराने और सड़क निर्माण शुरू कराने का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया।

अधूरी सड़क को लेकर किसान पिछले 22 दिनों से धरना दे रहे थे। मंगलवार को उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह ने धरना स्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने किसानों से दो दिन का समय मांगा था, लेकिन किसान जिलाधिकारी की मौजूदगी में वार्ता की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने चेतावनी दी थी कि समाधान नहीं होने पर बुधवार दोपहर लोक निर्माण विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
बुधवार सुबह उपजिलाधिकारी आकाश सिंह और नगराम पुलिस के प्रयास से किसान प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी से वार्ता के लिए बुलाया गया। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, मंडल उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार और प्रदेश सचिव रत्नेश प्रधान समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। वार्ता के दौरान जिला वन अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भी मौजूद रहे।
किसान प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क से संबंधित मामला अब उनके संज्ञान में है। उन्होंने दो दिनों के भीतर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद सड़क निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया।
वार्ता समाप्त होने के बाद उपजिलाधिकारी धरना स्थल पहुंचे और किसानों को जिलाधिकारी के आश्वासन की जानकारी दी। इसके साथ ही सड़क निर्माण शुरू होने तक लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से मांग की कि एक-दो दिन के भीतर ईंट-भट्ठे से अद्धा-रोड़ा और राबिश मंगवाकर सड़क के गड्ढों को भरवा दिया जाए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने इस व्यवस्था पर सहमति जताई। मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी और सहायक पुलिस आयुक्त राकेश कुमार ने भी गड्ढों को भरवाने की व्यवस्था का समर्थन किया।
अधिकारियों की ओर से मिले आश्वासन के बाद धरना स्थल पर मौजूद किसानों में खुशी देखी गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
इसके बाद वन विभाग के सहायक वन अधिकारी और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सड़क स्थल का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत कर जल्द अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी कराने का भरोसा दिया।
युवा ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो किसान दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
धरने के दौरान जिला महामंत्री रामसिंह, राम प्रसाद फौजी, साहबदीन फौजी, अमृतलाल, प्रेमचंद, अखिलेश, रमेश कुमार, प्रधान इस्माइल नगर, रामनरेश प्रधान नेवज खेड़ा, आनंद गोपाल, नीरज प्रधान करोरा, अंजय मिश्रा, दिनेश कुमार, राकेश कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में किसान महिला-पुरुष मौजूद रहे।
