निगोहां, लखनऊ। मोहनलालगंज विकासखंड के निगोहां क्षेत्र स्थित नन्दौली गांव में सार्वजनिक रास्ते पर पशु बांधे जाने को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते के किनारे भैंस बांधे जाने से आम लोगों के साथ-साथ स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आईपी सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि गांव के बंसीलाल द्वारा सार्वजनिक रास्ते के किनारे और सरकारी नल के आसपास भैंस बांधी जा रही हैं। उनका कहना है कि कई बार रास्ता खाली रखने के लिए संबंधित व्यक्ति से कहा गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
प्रधान प्रतिनिधि के मुताबिक, रास्ते की दूसरी तरफ नाले का चैंबर भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में एक ओर बंधे पशु और दूसरी ओर खराब चैंबर होने के कारण राहगीरों तथा स्कूली बच्चों के लिए रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। उनका दावा है कि पहले भी कुछ बच्चे रास्ते से गुजरते समय असुविधा के चलते गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
इसी मामले में गांव के रमेश पुत्र भीखा पर भी सार्वजनिक रास्ते में भैंस बांधने का आरोप लगाया गया है। आईपी सिंह के अनुसार, उन्होंने रमेश से भी रास्ते में पशु न बांधने का अनुरोध किया था। आरोप है कि इस बात को लेकर कहासुनी हुई और विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई।
प्रधान प्रतिनिधि ने पुलिस से मामले की जांच कर सार्वजनिक रास्ते से अवरोध हटवाने तथा विवाद की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
निगोहां थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी और जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण और अवरोध से मुक्त कराने के साथ ही क्षतिग्रस्त नाले के चैंबर की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों और राहगीरों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।
