निगोहां। नगराम मोड़ पर रविवार को वाहन की बकाया फाइनेंस किस्त को लेकर वाहन मालिक और रिकवरी एजेंट के बीच विवाद हो गया। वाहन मालिक ने रिकवरी एजेंट और उसके साथियों पर वाहन रोककर कार्यालय ले जाने तथा विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया। मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन बाद में आपसी सहमति से लिखित समझौता कर लिया।

पुलिस के अनुसार, रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र के ताजपुर निवासी शुभम यादव रविवार को पिकअप वाहन संख्या UP 33 QT 1720 से रायबरेली से लखनऊ की ओर जा रहे थे। करीब 11:40 बजे नगराम मोड़ के पास रिकवरी एजेंट अभिमन्यु और उसके साथियों ने वाहन को रोक लिया। बताया गया कि वाहन की कुछ फाइनेंस किस्तें बकाया थीं।
इसके बाद वाहन को नगराम मोड़ के पास स्थित कार्यालय ले जाया गया। वहां बकाया किस्त जमा करने को लेकर वाहन मालिक और रिकवरी एजेंट के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के साथ मारपीट की स्थिति भी बनी।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। हालांकि पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद समझौता हो गया। वाहन मालिक ने बकाया किस्त समय से जमा करने की बात कही, जबकि दोनों पक्षों ने भविष्य में किसी तरह का विवाद नहीं करने की सहमति जताई। इसके बाद दोनों ने पुलिस कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही।
स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, फाइनेंस की बकाया किस्तों की वसूली के दौरान वाहनों को रोकने को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे मामलों में वसूली के दौरान नियमों का पालन और विवाद की स्थिति में निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, इस मामले में दोनों पक्षों की सहमति के बाद पुलिस ने लिखित सुलह-समझौते के आधार पर मामला शांत करा दिया।
थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि बकाया किस्त को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के बाद लिखित सुलह-समझौता कर लिया है और किसी तरह की पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हैं। वाहन मालिक ने बकाया किस्त जमा करने की बात कही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त हो गया है।
