मोहनलालगंज, लखनऊ। दक्षिणी जोन कार्यालय में बुधवार को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी, सभी सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

बैठक में सर्किल और थाना स्तर पर अपराध की स्थिति, पुलिस कार्रवाई और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के साथ लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

आगामी गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा आवश्यक मामलों में नियमानुसार अभियोग दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

लंबित विवेचनाओं पर विशेष जोर देते हुए विवेचकों को निर्धारित 60 और 90 दिन की समयसीमा के भीतर मामलों का निस्तारण करने को कहा गया। साथ ही वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य जुटाने और तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण कर गुण-दोष के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सक्रिय, आदतन और पेशेवर अपराधियों को चिन्हित कर गैंगस्टर एक्ट और गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा गया। वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों, टॉप-टेन अपराधियों और पुरस्कार घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी के साथ अवैध शस्त्र, विस्फोटक और अवैध शराब के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाने को कहा गया।

बैठक में ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देते हुए प्रत्येक प्रकरण में इसका अनिवार्य रूप से प्रयोग करने और SID जनरेट कर उसी दिन संबंधित एफआईआर से लिंक करने के निर्देश दिए गए। वहीं यक्ष एप के माध्यम से बीट पुलिसिंग को मजबूत करने तथा जमीन संबंधी अपराध, महिला अपराध, साइबर अपराध और एनडीपीएस से जुड़े मामलों की बीट सूचनाएं दर्ज कराने पर जोर दिया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रभारी निरीक्षक पीजीआई और प्रभारी निरीक्षक बिजनौर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

रात्रि चेकिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की प्रभावी जांच के निर्देश दिए गए। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई भी की गई।

इसके अलावा न्यायालय से प्राप्त BW, NBW तथा धारा 84/85 BNSS से संबंधित प्रपत्रों की शत-प्रतिशत तामीला और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्राप्त ई-सम्मन के नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो, गैंगस्टर, मादक पदार्थ तस्करी तथा महिला एवं बाल अपराध जैसे गंभीर मामलों में प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया गया।

आईजीआरएस और जनशिकायतों की समीक्षा के दौरान लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराने तथा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए। मिशन शक्ति केंद्रों की गतिविधियों और शिकायत पेटिकाओं से प्राप्त शिकायतों के अभिलेखीकरण एवं निस्तारण की भी समीक्षा हुई।

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा गया। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में दक्षिणी जोन के विभिन्न चौराहों और तिराहों पर मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाने तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। चोरी, लूट और छिनैती की घटनाओं के शीघ्र अनावरण, आरोपियों की गिरफ्तारी और माल बरामदगी के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना करने पर भी जोर दिया गया।

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