लखनऊ। निलंबन आदेश वापस लेने समेत विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारियों का अनिश्चितकालीन सामूहिक कार्य बहिष्कार गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। दोनों संगठनों से जुड़े सचिव विकास भवन परिसर में धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
संगठनों के अनुसार, 15 सितंबर से चल रहे कार्य बहिष्कार के चलते जिले के सभी आठ विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में विकास और जनसेवा से जुड़े कई कार्य प्रभावित हुए हैं। सचिवों का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

निलंबन को लेकर जताई आपत्ति
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि बख्शी का तालाब विकासखंड की ग्राम पंचायत कठवारा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश पाण्डेय को निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन में कथित तकनीकी कमियों के मामले में निलंबित किया गया है।
संगठन का तर्क है कि पंचायत उत्सव भवन और पंचायत भवनों के निर्माण से संबंधित तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी शासनादेश के अनुसार जिला पंचायत के अभियंताओं की है। ऐसे में तकनीकी खामियों के लिए ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराकर निलंबित किए जाने पर संगठन ने सवाल उठाए हैं।
सचिवों ने दिनेश पाण्डेय के साथ पूर्व में निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित द्विवेदी और ग्राम विकास अधिकारी सतगुरु प्रसाद को भी बहाल करने की मांग की है।
बातचीत नहीं होने पर शुरू किया कार्य बहिष्कार
पदाधिकारियों के मुताबिक, 10 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और 11 सितंबर को चिनहट विकासखंड सभागार में हुई बैठकों में निलंबन आदेश वापस लेने की मांग रखी गई थी। संगठन ने 14 सितंबर तक समाधान की अपेक्षा जताई थी। निर्धारित समय तक कोई सकारात्मक निर्णय या वार्ता नहीं होने के बाद 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू किया गया।
प्रमाणपत्र और विकास कार्यों पर असर
संगठन का दावा है कि कार्य बहिष्कार के कारण परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, विभिन्न लाभार्थी योजनाओं और ग्राम पंचायत स्तर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा शासन की ओर से चलाए जा रहे कुछ अभियानों के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ने की बात कही गई है।
सचिवों का कहना है कि वे आम लोगों को परेशानी में डालना नहीं चाहते, लेकिन अपनी मांगों पर सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
वेतन और डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर भी मांगें
संगठनों ने ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन हर महीने समय से जारी किए जाने की मांग की है। गेटवे भुगतान अथवा अन्य तकनीकी कारणों से की गई प्रतिकूल प्रविष्टि, परिनिंदा और वेतन रोकने जैसी कार्रवाइयों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई है।
इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत केंद्रीय व्यवस्था से उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता और मानकों के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को जिम्मेदार न ठहराने तथा लाइब्रेरी के निर्माण और विस्तार से जुड़े कार्य सक्षम स्तर की स्वीकृति के बाद कराने की मांग की गई है।
धरना स्थल पर मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आंदोलनरत सचिवों ने विकास भवन परिसर स्थित धरना स्थल पर केक काटकर और दीप जलाकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत जैसे अभियानों को ग्राम स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
संगठन के प्रांतीय महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष नागेंद्र प्रताप कुशवाहा और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ललित कुमार गौतम ने कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय होने की स्थिति में सचिव अपने काम पर लौटना चाहते हैं, ताकि ग्राम पंचायतों में विकास और जनसेवा के कार्य दोबारा सुचारू रूप से संचालित हो सकें। उन्होंने कहा कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
