नगराम, लखनऊ। मिशन शक्ति फेज-6.0 और साइबर जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को नगराम थाना क्षेत्र के छतौनी गांव में पुलिस टीम ने चौपाल आयोजित कर महिलाओं, बेटियों और बच्चों को सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम थाना प्रभारी अंजनी सिंह के निर्देशन में महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने आयोजित किया।
चौपाल के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़ी पुलिस सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिला हेल्प डेस्क, महिला सुरक्षा केंद्र और पुलिस की अन्य सहायता सेवाओं के बारे में बताते हुए किसी भी परेशानी की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की गई।

हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बेटियों को आपात स्थिति में मदद लेने के लिए प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्हें 112, महिला हेल्पलाइन 1090, 181 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के उपयोग के बारे में बताया गया।
पुलिस टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या अन्य परेशानी की स्थिति में महिलाएं चुप न रहें और उपलब्ध सहायता सेवाओं का इस्तेमाल करें।
साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके
चौपाल में साइबर अपराध को लेकर भी ग्रामीणों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं करने की अपील की।
साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
यूपी कॉप समेत ऑनलाइन सुविधाओं की जानकारी
महिलाओं और छात्राओं को यूपी कॉप एप सहित पुलिस विभाग की विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीम ने समझाया कि कई पुलिस सेवाओं का लाभ ऑनलाइन माध्यम से भी लिया जा सकता है।
महिला पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी तरह की समस्या होने पर संकोच न करें और समय रहते पुलिस को सूचना दें। शिकायत मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी दी गई।
गांव-गांव जागरूकता पर जोर
थाना प्रभारी अंजनी सिंह के निर्देशन में महिला पुलिस टीम की ओर से क्षेत्र के गांवों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा पुलिस की सहायता सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय रहते उचित मदद ले सकें।
