मोहनलालगंज, लखनऊ। दीपावली के पर्व पर समाज के हर वर्ग तक खुशियां पहुंचाने के उद्देश्य से शिवाय सेवा समिति ने मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। समिति की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए ‘खुशियों की थैली’ अभियान चलाया गया। इसके तहत परिवारों को दीपावली पूजन और त्योहार से संबंधित आवश्यक सामग्री वितरित कर उनके घरों में भी पर्व की खुशियां पहुंचाने का प्रयास किया गया।
समिति की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवारों को दीपावली के उत्सव में सहभागी बनाना रहा। अभियान के दौरान जरूरतमंद परिवारों को विशेष रूप से तैयार की गई थैलियां प्रदान की गईं, जिनमें पूजा-पाठ और दीपावली मनाने के लिए आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।

‘खुशियों की थैली’ में मिठाई, चूरा-खुटिया, खील, मिट्टी के दीपक, तेल, रुई-बत्ती, धूपबत्ती सहित अन्य पूजन सामग्री रखी गई। इसके साथ ही बच्चों के लिए फुलझड़ियों की भी व्यवस्था की गई, जिससे उनके त्योहार में उत्साह और उमंग बनी रहे। समिति के सदस्यों ने परिवारों के बीच पहुंचकर आत्मीयता के साथ सामग्री वितरित की।
शिवाय सेवा समिति के सदस्यों ने कहा कि दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और घरों को सजाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, सद्भाव और मानवता को मजबूत करने का अवसर भी है। त्योहार की खुशियां तभी पूर्ण होती हैं, जब समाज के जरूरतमंद लोगों को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिले। इसी सोच के साथ समिति ने जरूरतमंद परिवारों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।
समिति ने समाजसेवा के प्रति अपनी सोच स्पष्ट करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सहायता का उद्देश्य किसी पर एहसान जताना या प्रचार हासिल करना नहीं, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसी भावना के तहत अभियान से जुड़ी तस्वीरों को सार्वजनिक नहीं किया गया। समिति का मानना है कि वास्तविक सेवा का मूल्यांकन प्रचार से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरे पर आई मुस्कान से किया जाना चाहिए।
इस सामाजिक अभियान में शिवाय सेवा समिति के अध्यक्ष आशीष चतुर्वेदी गुरुजी, सचिव रंजीत यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, मीडिया प्रभारी विनीत कुमार, पंकज गुप्ता, अनुज गुप्ता, हरिकेश वर्मा, अनुज पांडेय, अरविंद शर्मा, आयुष वैश्य, गिरिजा गुप्ता और पांशुल तिवारी सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समिति के सदस्यों ने भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। ‘खुशियों की थैली’ अभियान के माध्यम से समिति ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की वास्तविक खूबसूरती दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने और समाज में सेवा व सहयोग की भावना को मजबूत करने में है।
