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बाबा संत उमाकांत जी महाराज ने बताया नवरात्रि का नियम और गुंजाईश

धर्म कर्म: उज्जैन वाले परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि महात्माओं ऋषि मुनियों ने नवरात्रि में उपवास का…

गांधी जयंती मनाने से नहीं बल्कि उनका मिशन पूरा करने से मिलेगी गांधी जी को मुक्ति: बाबा उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: वक़्त गुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि देश को आजाद कराने वाले, कुर्बानी देने…

समय सीमित है, सभी लोगों को भगवान की सच्ची पहचान करनी चाहिए: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: इस समय के पूर्ण समर्थ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि जीने का…

आने वाले खराब समय में साधना करने वाले साधक की बचत होगी: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म; आत्म कल्याण के काम को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करने वाले, वक़्त का सन्देश सुनाने वाले, इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा…

जीवन का समय है सीमित, सभी लोगों को भगवान की सच्ची पहचान करनी चाहिए: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: इस समय के पूर्ण समर्थ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि जीने का…

बच्चों पर ध्यान नहीं दिया तो आपकी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: मुंबई (महाराष्ट्र) युवाओं को टारगेट कर देश को खोखला करने वाली विदेशियों की पॉलिसी के बारे में सबको समय रहते बता कर चेताने वाले, बचने का उपाय भी…

अंतर मन में जब वक्त के सतगुरु दिखेंगे तब आपको विश्वास होगा: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापी, सर्व समर्थ, सर्वत्र विराजमान, जिनके रूप में प्रभु अभी स्वयं धरती पर अवतरित है, भक्तों को अंदर में एक साथ दर्शन देने वाले, ऐसे इस समय…

जीव हत्या पाप है, जो मनुष्य में जीवात्मा हैं, वही कीडे- मकोड़े में है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: जान-अनजान में बनते पाप कर्मों की वजह से आगे मिलने वाली भारी सजा से बचाने के लिए सबको सही चीज का ज्ञान-भान कराने वाले, इस समय के पूरे…

अच्छे कर्मों से मिला ये अनमोल मनुष्य शरीर, पूरे गुरु न मिले तो व्यर्थ चला जाता है: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: मनुष्य करता तो अच्छे के लिए है लेकिन अज्ञानता में करने की वजह से हो जाता है बुरा, फिर उस पाप कर्म की सजा को भोगना पड़ता है इसलिए…

अच्छे-बुरे दोनों कर्म खत्म होते ही जीवात्मा अपने घर पहुंच जाती है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: सन्तों की वाणी को उन्ही के लेवल का जानकार ही सही तरीके से समझा सकता है, तो अंदर की तीसरी आँख खोलने का मार्ग नामदान बताने वाले, कर्मों…