Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति का विशेष समय होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व है। इन्हें सृष्टि की रचयिता माना जाता है और इनकी उपासना से भक्तों को आरोग्य, शक्ति और समृद्धि प्राप्त होती है। इस दिन मां को मालपुए का भोग लगाने की परंपरा है, जो न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि व्रत के लिए भी उपयुक्त माने जाते हैं।

मालपुआ बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:-
1 कप मैदा
½ कप दूध
½ कप खोया
½ चम्मच इलायची पाउडर
1 चम्मच सौंफ
1 कप चीनी
1 कप पानी (चाशनी के लिए)
तलने के लिए घी
मालपुआ बनाने की विधि:-
- एक बाउल में मैदा, दूध, खोया, सौंफ और इलायची पाउडर मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान दें कि इसमें कोई गांठ न रहे।
- चाशनी के लिए एक पैन में 1 कप चीनी और 1 कप पानी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं जब तक एक तार की चाशनी न बन जाए। इसे ठंडा होने दें।
- अब एक कढ़ाई में घी गरम करें और तैयार घोल को चम्मच से डालते हुए गोल आकार में मालपुए तलें। इन्हें मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।
- तले हुए मालपुओं को चाशनी में डालें और 2-3 मिनट बाद निकाल लें।
- अब गरमा-गरम मालपुए मां कूष्मांडा को अर्पित करें और फिर प्रसाद स्वरूप सभी परिजनों के साथ इसका आनंद लें।
मालपुआ बनाने की यह विधि सरल और स्वादिष्ट है। इस चैत्र नवरात्रि पर मां कूष्मांडा को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
