Lucknow: लखनऊ स्थित केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती ढाई वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की शुक्रवार को पहली सर्जरी की गई। गंभीर चोटों और संक्रमण के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने बच्ची के पेट के जरिए शौच का एक वैकल्पिक रास्ता बनाया है। निजी अंगों में गंभीर घाव होने के कारण वहां फिलहाल सर्जरी संभव नहीं है। विशेषज्ञों की टीम लगातार बच्ची पर नजर बनाए हुए है।

घटना के तुरंत बाद बच्ची को पहले लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया था, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे केजीएमयू रेफर कर दिया गया। वहां विभागाध्यक्ष डॉ. जेडी रावत की देखरेख में इलाज जारी है और धीरे-धीरे हालत में सुधार हो रहा है।

डॉ. रावत ने बताया कि फिलहाल संक्रमण रोकने के लिए विशेष देखभाल की जा रही है। निजी अंगों पर ड्रेसिंग की जा रही है और एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं। बच्ची को कम से कम एक सप्ताह तक गहन निगरानी में रखा जाएगा। हालात सामान्य होने के बाद, करीब दो से तीन महीने बाद दूसरा ऑपरेशन किया जाएगा।

 

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