Health Alert: दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण अभी भी बना हुआ है, इसी बीच एक नई खतरनाक बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तस्मानिया की दो महिलाओं में इनवेसिव मेनिंगोकोकल डिज़ीज़ (IMD) की पुष्टि हुई है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस साल अब तक इस बीमारी के 48 मामले सामने आ चुके हैं।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह:-
स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि, वे इसके लक्षणों पर नजर रखें और सतर्कता बरतें। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे डॉक्टर से संपर्क कर यह जांच करवा लें कि उन्हें इस बीमारी के खिलाफ वैक्सीन की जरूरत है या नहीं।
क्या है इनवेसिव मेनिंगोकोकल डिज़ीज़?
यह एक गंभीर और जानलेवा बैक्टीरियल संक्रमण है, जो नीसेरिया मेनिंगिटिडिस नामक बैक्टीरिया से होता है। जब यह बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर अंगों में फैलता है, तो यह बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है। यह स्थिति तुरंत इलाज की मांग करती है, वरना दीर्घकालिक जटिलताएं हो सकती हैं।
इलाज के बावजूद खतरा बना रहता है
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बीमारी में इलाज के बाद भी 10-15% रोगियों की मौत हो सकती है। यदि इलाज न मिले, तो मृत्युदर 50% तक पहुंच सकती है। बचे हुए मरीजों में से 30% में मानसिक, शारीरिक या मनोवैज्ञानिक विकलांगता देखी गई है। अच्छी बात यह है कि इस बीमारी से बचने के लिए टीके मौजूद हैं, जो संक्रमण और मौत की आशंका को कम करते हैं।
कैसे फैलता है यह संक्रमण?
यह बैक्टीरिया आमतौर पर व्यक्ति की नाक या गले में पाया जा सकता है, लेकिन यह आसानी से एक से दूसरे में नहीं फैलता। यह मुख्य रूप से लार या गहरे संपर्क जैसे चुंबन या एक ही बर्तन से खाने-पीने के ज़रिये फैलता है। कई बार संक्रमण वाले व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं होते, जिससे खतरे को पहचानना मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी का जोखिम सबसे ज्यादा छोटे बच्चों, किशोरों (15-25 वर्ष), और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को होता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, तेज रोशनी से परेशानी, उल्टी-दस्त और त्वचा पर लाल या बैंगनी दाने शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बचाव के उपाय क्या हैं?
वैक्सीनेशन करवाना
हाथों की साफ-सफाई रखना
बीमार लोगों से दूरी बनाना
आंख, नाक और मुंह को गंदे हाथों से न छूना
संदिग्ध क्षेत्रों में सतर्क रहना
इस बीमारी से बचाव संभव है यदि समय रहते सही कदम उठाए जाएं। टीकाकरण और सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
अस्वीकरण: संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। GK News Live लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
