UP: इटावा जिले के महेवा क्षेत्र के दांदरपुर गांव में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कथित जातिगत भेदभाव की एक गंभीर घटना सामने आई है। शनिवार रात एक कथा वाचक और उनके साथियों के साथ ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार किया, जब यह बात सामने आई कि वह ब्राह्मण नहीं हैं।

जानकारी के अनुसार, गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ था, जिसमें मुक्त मणि (मुक्त सिंह) नामक कथावाचक को आमंत्रित किया गया था। वे अपने दो सहयोगियों संत सिंह यादव और श्याम सिंह कठेरिया के साथ वहां पहुंचे थे। कथा संपन्न होने के बाद गांव में यह चर्चा फैल गई कि कथावाचक ब्राह्मण नहीं हैं। इसके बाद कथित रूप से भीड़ ने उनके साथ मारपीट की, उनका सिर मुंडवाया, चोटी काट दी और गांववासियों के पैर छूकर माफी मंगवाई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके पास से ₹25,000 नकद, एक सोने की चेन और एक अंगूठी भी ले ली गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मामला दर्ज, कई गिरफ्तार
सोमवार को पीड़ित सपा सांसद जितेंद्र दोहरे, विधायक राघवेंद्र गौतम और जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य के साथ एसएसपी से मिले। पुलिस ने इस मामले में 50 अज्ञात लोगों के साथ कुछ नामजद आरोपियों अतुल डीलर और पप्पू बाबा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है – निक्की अवस्थी, उत्तम अवस्थी, आशीष तिवारी और प्रथम दुबे। पुलिस घटना की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

कथावाचक के दो आधार कार्ड
जांच के दौरान कथावाचक मुक्त मणि के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड पाए गए, जिनमें नाम और पते अलग-अलग हैं। पुलिस को शक है कि यह भ्रम फैलाने के उद्देश्य से किया गया होगा। वहीं, कथावाचक का दावा है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें फंसाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जातिगत भेदभाव संविधान के खिलाफ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन करेगी।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *