Jammu Kashmir Snowfall: जम्मू-कश्मीर एक बार फिर कुदरत की सख्ती का सामना कर रहा है। बीते कई दिनों से हो रही लगातार बर्फबारी ने घाटी के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सर्द हवाओं और भारी हिमपात के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मंगलवार 27 जनवरी को हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा और श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। इस स्थिति से न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि पर्यटक और जरूरी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द, सैकड़ों यात्री फंसे
भारी बर्फबारी का सबसे ज्यादा असर हवाई यातायात पर देखने को मिला। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कुल 58 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 29 आगमन और 29 प्रस्थान की उड़ानें शामिल हैं। लगातार बर्फ गिरने के कारण रनवे पर मोटी परत जम गई, जिससे उड़ानों का संचालन असुरक्षित हो गया। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, खराब दृश्यता और फिसलन भरे रनवे के चलते कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता था। नतीजतन सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया। इससे सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट और होटलों में फंसे हुए हैं। कई पर्यटक जो घाटी से लौटने की तैयारी में थे, अब मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद
सड़क यातायात पर भी बर्फबारी का भारी असर पड़ा है। घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग काजीगुंड और बनिहाल के बीच भारी बर्फ जमा होने के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह राजमार्ग जम्मू-कश्मीर की जीवनरेखा माना जाता है। इसके बंद होने से फल-सब्जी, ईंधन, दवाइयों और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) और स्थानीय एजेंसियां भारी मशीनों की मदद से बर्फ हटाने में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी राहत कार्य में बाधा बन रही है।
पर्यटन स्थलों पर बर्फ की मोटी चादर
घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम बर्फ की मोटी चादर में ढक गए हैं। पहाड़, सड़कें और घर पूरी तरह सफेद नजर आ रहे हैं। जहां यह नजारा पर्यटकों के लिए आकर्षक है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए यह मुश्किलें लेकर आया है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और पानी की पाइपलाइन जमने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी कम रही है। एहतियातन कुछ क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रेल सेवाएं भी प्रभावित
भारी बर्फबारी का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। बनिहाल-बडगाम सेक्शन में कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करना पड़ा। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पटरियों से बर्फ हटते ही रेल सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। इस बीच प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। कई इलाकों में पुलिसकर्मी बर्फ से ढकी सड़कों पर मरीजों को स्ट्रेचर के जरिए अस्पताल पहुंचाते नजर आए। कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।
