लखनऊ। दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन पर विशेष सुरक्षा बल के जवानों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता से एक 12 वर्षीय बालक सकुशल बरामद हुआ। बालक रोते हुए स्टेशन परिसर में पहुंचा था और जवानों से भोजन मांगा। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि कुछ लोग उसे आगरा से पकड़कर लखनऊ लाए थे। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आखिरकार बालक की पहचान आर्यन डागुर के रूप में कर उसके माता-पिता से वीडियो कॉल पर संपर्क कराया।

मंगलवार दोपहर करीब 12:45 बजे दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन पर तैनात विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने एक घबराए हुए बालक को देखा। बालक की स्थिति संदिग्ध लगने पर जवानों ने उसे सुरक्षित स्थान पर बैठाकर भोजन कराया और विश्वास में लेकर पूछताछ की। बालक ने बताया कि वह आगरा का रहने वाला है और उसे चार लोग अपने साथ यहां लेकर आए थे।

इसके बाद सुरक्षा बल ने मेट्रो कंट्रोल रूम को सूचना देते हुए मामले की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आगरा फोर्ट इंटरसिटी ट्रेन कुछ समय पहले ही स्टेशन क्षेत्र में पहुंची थी। जवानों ने बालक से उसके परिवार के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत के बाद वह केवल इतना बता सका कि उसके पिता आगरा में एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं।

इस जानकारी के आधार पर सुरक्षा कर्मियों ने इंटरनेट के माध्यम से संबंधित कोचिंग संस्थान की जानकारी जुटाई और एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन पर अजय पाल सिंह नामक व्यक्ति से बातचीत हुई, जिन्होंने बताया कि उनका बेटा आर्यन डागुर लापता है और वह उसकी गुमशुदगी को लेकर आगरा के थाना किरावली में मौजूद हैं।

इसके बाद विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बालक की बात कराई। वीडियो कॉल पर परिजनों ने उसकी पहचान अपने 12 वर्षीय पुत्र आर्यन डागुर के रूप में की, जिससे उसके सकुशल मिलने की पुष्टि हो गई।

मामले की जानकारी मिलने पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया गया। पीआरवी टीम और नाका हिंडोला पुलिस मौके पर पहुंची। विशेष सुरक्षा बल के जवानों ने बालक के मिलने से लेकर उसकी पहचान होने तक की पूरी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए बालक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में विशेष सुरक्षा बल के विजयबहादुर पटेल, अम्बुज तिवारी, अनुज कुमार, मयंक त्रिवेदी और विशाल राठौर सहित अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जवानों की तत्परता से एक लापता बालक सुरक्षित मिला और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *