मोहनलालगंज, लखनऊ। नगर पंचायत मोहनलालगंज के मऊ गांव में सोमवार को नागपंचमी का पर्व पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शाम होते ही गांव की गलियों में वर्षों पुरानी ‘गुड़िया पीटने’ की लोक परंपरा देखने को मिली।

मान्यता और स्थानीय परंपरा के अनुसार, घर की बेटियां कपड़े से गुड़िया तैयार कर उसे सड़क पर रखती हैं। इसके बाद बच्चे और युवा प्रतीकात्मक रूप से गुड़िया को पीटकर इस पुरानी रस्म को निभाते हैं। इस दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और गांव की गलियां चहल-पहल से भर गईं।
परंपरा में वृशांक मिश्रा, वासवी मिश्रा, अहान मिश्रा, बृजय मिश्रा, बृजया मिश्रा, रामेष्ठ मिश्रा, यश गुप्ता, शिवा गुप्ता, आयुशी गुप्ता और लाडो गुप्ता समेत बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं ने भाग लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, मऊ गांव में यह परंपरा लंबे समय से नागपंचमी के अवसर पर निभाई जाती रही है। उनका कहना है कि ऐसे स्थानीय लोकाचार गांव की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने के साथ नई पीढ़ी को पुरानी परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी हैं।
मऊ निवासी विजय सोनी, संतोष सोनी, गिरजा शंकर गुप्ता और सूरज गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष नागपंचमी पर ग्रामीण इसी उत्साह के साथ इस रस्म में शामिल होते हैं। खासकर बच्चों में इसे लेकर विशेष उत्साह रहता है।
