मोहनलालगंज। करोड़ों रुपये की जमीनों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे सिसेंडी के पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल उर्फ राजू और उसके बेटे अमन जायसवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों की गिरफ्तारी नहीं होने पर डीसीपी साउथ जोन ने उनके ऊपर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस के साथ एसटीएफ को भी लगाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सिसेंडी निवासी आशीष कुमार गुप्ता की शिकायत पर मोहनलालगंज थाने में मुकदमा संख्या 275/2026 दर्ज किया गया है। मामले में पूर्व प्रधान और उसके बेटे समेत छह लोगों को आरोपी बनाया गया है।
एक ही नाम के व्यक्ति को खड़ा करने का आरोप
शिकायत के आधार पर पुलिस का कहना है कि गांव की अलग-अलग गाटा संख्याओं वाली कृषि भूमि राजस्व अभिलेखों में सुरेश कुमार के नाम दर्ज थी। आरोप है कि जमीन के हिस्सों का बैनामा कराने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर सुरेश कुमार के नाम का ही एक फर्जी व्यक्ति तैयार किया। इसके बाद संबंधित जमीनों को अन्य लोगों के नाम हस्तांतरित कराने का आरोप है।
मामले में पूर्व प्रधान राजेश जायसवाल, उसके बेटे अमन जायसवाल और खुद को सुरेश कुमार बताने वाले एक अज्ञात व्यक्ति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पिता पर 14, बेटे पर तीन मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं, जबकि उसके बेटे अमन जायसवाल के खिलाफ तीन मुकदमों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है। पुलिस का आरोप है कि राजेश ने वर्ष 2006 से अब तक जमीन से जुड़े कई मामलों में गिरोह बनाकर फर्जीवाड़ा किया।
करोड़ों रुपये की संपत्तियों से जुड़े इस मामले में पिता-पुत्र के फरार होने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
इनाम घोषित होने के बाद दबिश तेज
लगातार फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी साउथ जोन की ओर से 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है। एसटीएफ को भी आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी की जिम्मेदारी में लगाया गया है।
पुलिस का कहना है कि फरार पिता-पुत्र को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
