मोहनलालगंज, लखनऊ। क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था और समेसी गांव की गाटा संख्या 13, 14 व 15 की कथित गलत वरासत को लेकर मंगलवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। किसानों ने दोनों मामलों में नियमानुसार कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
किसानों के अनुसार समेसी गांव की गाटा संख्या 13, 14 और 15 की वरासत 11 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर की गई है। किसानों का दावा है कि उक्त भूमि को पूर्व में उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज द्वारा संदिग्ध मानते हुए ग्रामसभा में निहित करने का आदेश दिया गया था और इसकी प्रविष्टि राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है।
इसी मामले को लेकर किसान मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जिलाधिकारी के मौजूद नहीं होने पर प्रतिनिधिमंडल ने एसीएम प्रशांत से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। किसानों के मुताबिक एसीएम ने उनकी बात सुनने के बाद संबंधित उपजिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को नियमानुसार मामले में कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
बिजली व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया
किसानों ने क्षेत्र में बिजली से जुड़ी समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने मांग की कि बिजली बिल में संशोधन और नए कनेक्शन की सुविधा पूर्व की तरह पावर हाउस स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। किसानों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर सुविधा नहीं मिलने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एसीएम ने विद्युत व्यवस्था से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए अधिशासी अभियंता को आवश्यक निर्देश देने की बात कही। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल शक्ति भवन स्थित प्रमुख अभियंता विद्युत के कार्यालय पहुंचा। अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाने पर प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन कार्यालय में रिसीव कराया।
इसके बाद किसान गोखले मार्ग स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कार्यालय पहुंचे। यहां प्रतिनिधिमंडल की संदीप भाटिया से मुलाकात हुई। किसानों ने बिल संशोधन, नए विद्युत कनेक्शन और पावर हाउस स्तर पर उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं।
वार्ता के दौरान संदीप भाटिया ने किसानों को बताया कि वर्तमान वर्टिकल व्यवस्था को समाप्त करना आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने समस्याओं को विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने और अधिशासी अभियंता कार्यालय स्तर पर बिल संशोधन की व्यवस्था कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। विद्युत संबंधी शिकायतों के लिए उन्होंने 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी।
किसानों ने स्थानीय स्तर पर सुविधा बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिल संशोधन और नए कनेक्शन के लिए उच्चाधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने कहा कि पावर हाउस स्तर पर ही उपभोक्ताओं को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, बिल संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण और नए कनेक्शन की प्रक्रिया सरल करने की मांग की। वहीं भूमि संबंधी मामले में राजस्व अभिलेखों और पूर्व में पारित आदेशों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, समेसी ग्राम प्रधान अशोक कुमार, राम प्रसाद और रामसनेही समेत अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
