मोहनलालगंज। सिसेंडी क्षेत्र में गणपति विसर्जन के दौरान सई नदी में हुए दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। मंगलवार को मीनापुर घाट पर हुए हादसे के बाद एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया। बुधवार को तीनों युवकों के शव बरामद किए गए। पोस्टमार्टम के बाद आज तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के अनुसार, सिसेंडी गांव से गणपति प्रतिमाएं विसर्जन के लिए मीनापुर घाट पहुंची थीं। इसी दौरान धीरज गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए उनके बड़े भाई हरीशचंद्र और प्रमोद ने भी नदी में छलांग लगा दी। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के चलते तीनों युवक डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने तलाश शुरू की। लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों शव बरामद किए गए। प्रमोद का शव जबरेला पुल से करीब तीन किलोमीटर दूर मिला।

गर्भवती पत्नियों और मासूम बच्चों को छोड़ गए
हादसे में जान गंवाने वाले हरीशचंद्र पेंटिंग का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उनकी पत्नी गर्भवती हैं।
वहीं धीरज की पत्नी भी तीन माह की गर्भवती हैं। जवान बेटे की मौत से उनके परिवार में मातम पसरा है। तीसरे मृतक प्रमोद की मौत से भी उनके माता-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आज नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज तीनों युवकों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
गणपति विसर्जन की खुशियां जिस हादसे के बाद मातम में बदल गईं, उसने पूरे सिसेंडी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक युवक को बचाने की कोशिश में तीन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया।
परिजनों को आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू
प्रशासन की ओर से तीनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग की टीम को प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
