UP: अयोध्या के हनुमानगढ़ी के प्रसिद्ध संत महंत राजू दास ने सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि “अब गाजी और पाजी का समय खत्म हो गया है, अब राष्ट्रवादियों का दौर शुरू हो चुका है।”

मेले पर आपत्ति, प्रतिबंध की मांग
महंत राजू दास ने कुशभवनपुर मेले को लेकर आपत्ति जताई और इसे राष्ट्रविरोधी तत्वों से जुड़ा बताया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मेले को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा, “पूर्ववर्ती सरकारें इस मेले को अनुमति देती थीं, लेकिन अब इसे बैन करना जरूरी है। यह हिंदू समाज की मांग है।” उनका आरोप था कि “यह मेला उन अपराधियों और आक्रमणकारियों से जुड़ा है, जिन्होंने भारत के लाखों मंदिर तोड़े और अत्याचार किए।”

अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बयान:- 
महंत राजू दास ने पाकिस्तान में बलूच समुदाय पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि “बलूचों पर जुल्म किया जा रहा है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठन इस पर चुप क्यों हैं?” उन्होंने पाकिस्तान के तीन टुकड़े करने की बात कही और भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मुद्दा उठाने की अपील की।

वक्फ बोर्ड पर तीखी प्रतिक्रिया:-
महंत ने वक्फ बोर्ड को “जमीन हड़पने का बोर्ड” बताते हुए इसकी नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “अगर भारत एक सेक्युलर देश है, तो इस्लामिक कानूनों को बढ़ावा देना गलत है।” उन्होंने यह भी कहा कि “मुस्लिम जनसंख्या 40 करोड़ तक पहुंच चुकी है, फिर भी उन्हें अल्पसंख्यक क्यों कहा जा रहा है?”

धार्मिक आयोजन में हुआ बयान:-
महंत राजू दास का यह बयान सुल्तानपुर में आयोजित भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2082 के शुभारंभ और चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर दिया गया। कार्यक्रम में उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। महंत राजू दास इससे पहले भी अपने राष्ट्रवादी और सनातन धर्म के समर्थन में दिए गए बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। उनके इस ताजा बयान से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नए विवाद खड़े होने की संभावना है।

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