लखनऊ। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में माय होम इंडिया द्वारा आयोजित “स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर के योगदान पर केंद्रित वैचारिक संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण रहे। उनके साथ मंच पर पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र कृपा शंकर सिंह, माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी सहित अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वातंत्र्यवीर सावरकर की फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर के जीवन, उनके संघर्ष, राष्ट्र निर्माण के विचारों और सामाजिक सुधारों में दिए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सावरकर केवल एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे समाज सुधार, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक भी थे।
मुख्य अतिथि असीम अरुण ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सावरकर का जीवन साहस, समर्पण और देशभक्ति की अनुपम मिसाल है। वहीं कृपा शंकर सिंह ने कहा कि सावरकर के विचार आज भी देश के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने संगठन द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता के अभियानों की जानकारी देते हुए युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता रामप्रताप सिंह, शिवप्रताप सिंह (छोटू) एवं उनकी टीम के नेतृत्व में किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं में सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों से जोड़ना और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करना है।
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का वातावरण बना रहा, जबकि बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इसे प्रेरणादायी और विचारोत्तेजक बताया।
