मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दावा करने और अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश से जुड़े मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फुरकान अहमद अब्बासी और अभिषेक यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब लखनऊ के कैसरबाग क्षेत्र निवासी समीर मिर्जा ने अपनी पैतृक जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी अभिलेख तैयार कर जमीन पर अधिकार जताने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित रूप से कुछ दस्तावेजों में हेरफेर कर भूमि के स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड तैयार किए गए थे। जांच के दौरान विभिन्न विभागों से प्राप्त रिपोर्टों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। इसके अलावा बैंक लेन-देन, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच में भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में पहले ही मोहम्मद फरीद मिर्जा, मोहम्मद अशफाक मिर्जा उर्फ बाबू मियां और कलीम खां को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने कैसरबाग क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी फुरकान अहमद अब्बासी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अभिषेक यादव के विरुद्ध भी विभिन्न मामलों में कानूनी कार्रवाई दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
प्रभारी निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना जैसे मामलों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस द्वारा मामले की जांच और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
