मोहनलालगंज, लखनऊ। दीपावली के त्योहार पर किन्नर समाज की सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिशिव ट्रांसजेंडर फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रियंका सिंह रघुवंशी ने लोगों से स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों से खरीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशियां तभी पूरी होंगी, जब इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इसलिए ऑनलाइन खरीदारी के साथ-साथ आसपास के बाजारों और छोटी दुकानों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रियंका सिंह रघुवंशी ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा के चलते लोग घर बैठे ही दीपक, झालर, मिठाई, कपड़े और सजावट का सामान मंगा लेते हैं। हालांकि, त्योहारों के दौरान स्थानीय बाजारों में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों के लिए भी यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। उनकी सालभर की कमाई का बड़ा हिस्सा ऐसे ही अवसरों पर निर्भर रहता है।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले, रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वाले और छोटे दुकानदार अपनी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कोई मिट्टी के दीपक बनाकर बेचता है तो कोई मोमबत्तियां, झालर, खिलौने और सजावटी सामान उपलब्ध कराता है। ऐसे में हमारी छोटी-सी खरीदारी भी उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है।
प्रियंका ने कहा, “जब हम किसी स्थानीय दुकानदार से दीपक या सजावट का सामान खरीदते हैं, तो केवल एक वस्तु नहीं लेते, बल्कि किसी मेहनतकश परिवार की आजीविका को भी सहारा देते हैं। हमारी खरीदारी से उनके घर में भी त्योहार की खुशियां पहुंच सकती हैं।”
उन्होंने स्वदेशी और हस्तनिर्मित उत्पादों को अपनाने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों से सामान खरीदने से न केवल उन्हें आर्थिक सहयोग मिलता है, बल्कि स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। इससे छोटे स्तर पर रोजगार के अवसर बनाए रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने प्रदेश और देश के लोगों से आग्रह किया कि इस दीपावली अपनी जरूरत का कुछ सामान आसपास के छोटे दुकानदारों से जरूर खरीदें। यदि हर परिवार स्थानीय व्यापारियों को थोड़ी प्राथमिकता दे, तो सामूहिक रूप से हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल सकता है।
अंत में प्रियंका सिंह रघुवंशी ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे स्थानीय दुकानदारों का सम्मान करेंगे, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे और अपनी त्योहार की खुशियों में जरूरतमंद परिवारों को भी शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि दीपावली का असली संदेश तभी पूरा होगा, जब त्योहार की रोशनी समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचे।
