निगोहां, लखनऊ। निगोहां कस्बे में दशकों से आयोजित हो रहा ऐतिहासिक बाल दशहरा मेला मंगलवार देर रात 52 फीट ऊंचे रावण के दहन और शानदार जवाबी आतिशबाजी के साथ संपन्न हुआ। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रामलीला के मंचन में हिंदू-मुस्लिम युवाओं की भागीदारी ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
एक दिवसीय मेले का शुभारंभ एसीपी मोहनलालगंज आर.के. सिंह, निगोहां थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार कनौजिया और मेला कमेटी अध्यक्ष संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद भगवान राम की भव्य महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर पूजा-अर्चना की।

रामलीला में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
महाआरती के बाद स्थानीय युवाओं ने रामलीला का मंचन किया। इसमें मुस्लिम समुदाय के युवक उस्मान ने विभीषण की भूमिका निभाई, जबकि हिंदू समुदाय के अमित गुप्ता भगवान राम के किरदार में नजर आए। दोनों समुदायों के युवाओं की सहभागिता ने मेले में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय और इस पहल की सराहना की।
रामलीला के समापन के बाद 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके बाद विभिन्न जिलों से आए आतिशबाजों ने जवाबी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया। शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। रात में कानपुर की मशहूर रमपत की नौटंकी और रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनका लोगों ने आनंद लिया।
सीसीटीवी और ड्रोन से हुई निगरानी
मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मेला परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। पीएसी बल के साथ कई थानों की पुलिस तैनात रही। कंट्रोल रूम से मेले की गतिविधियों पर नजर रखी गई, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मेले में लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव सहित आसपास के जनपदों से आए व्यापारियों ने दुकानें लगाईं। खरीदारी और मनोरंजन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन, आतिशबाजी, रामलीला और नौटंकी के साथ ऐतिहासिक बाल दशहरा मेले का समापन हुआ।
