Category: धर्म कर्म

मनुष्य रूपी मंदिर-मस्जिद में देवी-देवता रहते हैं: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: रूहानी दौलत लुटाने वाले, उपर वाले का इस वक़्त का पैगाम सुनाने वाले, रूहानी इबादत कर गरीब परवरदीगार को खुश कर अंदर में हाजिर नाजिर करने का इल्म देने…

उमाकान्त जी महाराज ने बताये पांच नाम जिसको जप कर वाल्मीकि ब्रह्म समान हो गए थे

धर्म कर्म; इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज में दिए व ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया…

Anant Chaturdashi पर इन मंदिरों में करें श्रीहरि की विशेष पूजा

Anant Chaturdashi 2024: गणेश चतुर्थी के 10 दिन बाद अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना होती है और अनंत चतुर्दशी के दिन…

गलत नेता के संग में फंस कर नौजवान अपराधी बन जाते हैं: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बताया कि इलेक्शन में लोगों में जोश, गर्मी आती है। इसी में जातिवाद, भाई-भतीजावाद,…

अच्छे कर्मों से मिला ये अनमोल मनुष्य शरीर, पूरे गुरु न मिले तो व्यर्थ चला जाता है: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: मनुष्य करता तो अच्छे के लिए है लेकिन अज्ञानता में करने की वजह से हो जाता है बुरा, फिर उस पाप कर्म की सजा को भोगना पड़ता है इसलिए…

चरित्र को गिराने का जखीरा है मोबाइल, अगर कुछ बनना है तो इसमें मत फंसो: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: देश के भविष्य की वाकई में चिंता करने वाले, बर्बाद होती युवा पीढ़ी को बचाने के लिए बार-बार स्पष्ट रूप से चेताने वाले, कोई अपने बच्चे की क्या परवाह…

जिस दिन देश में गौ हत्या बंद हो जाएगी, उसी दिन सतयुग का प्रादुर्भाव हो जाएगा: उमाकान्त जी महाराज

धर्म कर्म: कलयुग में सतयुग को लाने का बीड़ा उठाने वाले, युग परिवर्तन के समय होने वाली भारी जन धन हानि को न्यूनतम करने के लिए अथक परिश्रम कर लोगों…

जो एक साल में वक़्त के गुरु का दर्शन नहीं करता, उसे मुक्ति-मोक्ष नहीं ,मिलता है: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: जिनके दर्शन किये हुए व्यक्ति के दर्शन करने मात्र से ही भरपूर दया कृपा जीवों को मिल जाती है, अंदर साधना में जिनके नूरानी रूप को देखने के बाद…

अच्छे-बुरे दोनों कर्म खत्म होते ही जीवात्मा अपने घर पहुंच जाती है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: सन्तों की वाणी को उन्ही के लेवल का जानकार ही सही तरीके से समझा सकता है, तो अंदर की तीसरी आँख खोलने का मार्ग नामदान बताने वाले, कर्मों…

मांस-मछली खाते हुए इन्सान नहीं सोचता कि बदला देना पड़ेगा: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: जिन जीवों का मांस खाया, उसका बदला बड़ी भयानक सजा भोग कर देना पड़ता है, तो अपनी दिव्य दृष्टि से जीव की होने वाली दुर्दशा को देख कर…