Category: धर्म कर्म

दिखावे की भक्ति नहीं करनी चाहिए-बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म : किस्से कहानियों से गहरी बातें समझाने वाले, काल के देश में कर्मों के कर्जे और लेन-देन के रिश्ते की गुत्थी को सुलझाने वाले, इस समय के युगपुरुष, पूरे…

नवरात्रि का तीसरा दिन आज, जानें माता चंद्रघंटा की पूजा विधि …

Navratri 2022: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता चंद्रघंटा को कल्याणकारी और शांतिदायक का रूप मानते हैं। माता के मस्तक पर घंटे के आकार…

नाम, वक्त गुरु के अधीन हुआ करता है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: इस समय प्रभु के पूरी ताकत वाले जयगुरुदेव नाम के प्रचारक, अंत समय में जीवात्मा की संभाल करने वाले, सब तकलीफों में असरदार जयगुरुदेव नाम ध्वनि रूपी महामंत्र…

नवरात्रि का दूसरा दिन आज, जानें माता ब्रम्ह्चारिणी की पूजा विधि …

Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि कल से शुरू हो चुके है. नवरात्रि में देवी मां के 9 रूपों की पूजा की जाती है। दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना का विधान…

सन्त बाबा उमाकान्त जी ने बताया नवरात्र में शारीरिक और अध्यात्मिक लाभ लेने का सही तरीका

धर्म कर्म: त्योंहारों और पर्वों को स्थापित करने, मान्यता देने के मूल उद्देश बता समझाकर भौतिक और शारीरिक लाभ दोनों दिलाने वाले, जीवात्मा को मुक्ति-मोक्ष दिलाने का सरलतम मार्ग पांच…

Navratri 2023:शारदीय नवरात्रि शुरू, जानें नवरात्रि की पूजन सामग्री…

Navratri 2023: आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। आज मां दुर्गा की नौ शक्तियों की पूजा की जाती है। अभी से नवरात्रि के 9 दिन के पूजन…

शारदीय नवरात्रि कल से, जानें कलश स्थापना का सही समय और सामग्री के बारे में…

Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि अश्विन मास में पड़ती है, जिसे काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती है. दशहरे के…

शारदीय नवरात्रि कल से शुरू, ऐसे करें मां दुर्गा के अलग-अलग 9 रूपों की पूजा…

शारदीय नवरात्रि 2023: शारदीय नवरात्रि हर बार अश्विन मास में पड़ती है, जिसे काफी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है. नवरात्रि में मां दुर्गा की अलग- अलग रूप…

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, जानें भारत में दिखेगा या नहीं…

सूर्य ग्रहण 2023: सर्व पितृ अमावस्या और शनि अमावस्या के संयोग में आज साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लग रहा है. इस महीने एक नहीं बल्कि दो ग्रहण लगने जा…

धन, बल, प्रतिष्ठा का अहंकार पतन की ओर ले जाता: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म : दुःख के इस संसार में सुखी रहने का स्थाई तरीका बताने वाले, शारीरिक और भौतिक लाभ दिलाने वाले, इस समय के युगपुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन…