बाबा उमाकान्त जी ने बताया: मन पाप कर्म कब करवाता है
धर्म-कर्म: विभिन्न तरीकों से अपने अपनाए जीवों के कर्म कर्जों, लेने-देने को आराम से, हलके में ही अदा करवा कर जीवात्मा की मुक्ति मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करने वाले, इस…
धर्म-कर्म: विभिन्न तरीकों से अपने अपनाए जीवों के कर्म कर्जों, लेने-देने को आराम से, हलके में ही अदा करवा कर जीवात्मा की मुक्ति मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करने वाले, इस…
धर्म-कर्म: वक़्त के समर्थ सन्त सतगुरु उज्जैन से पधारे सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज के सीकर राजस्थान में चल रहे दो दिवसीय रक्षाबन्धन सतसंग कार्यक्रम में गुरु महाराज ने रक्षाबन्धन…
धर्म-कर्म: कलयुग में इस समय लगे नाम जहाज के कप्तान, कर्णधार, जवानी में ही अपना आत्म कल्याण का काम कर लेने की प्रेरणा देने वाले, जिनके रूप में ही अभी…
धर्म कर्म; गुरु ही गोविंद यानी भगवान से मिलाते हैं, तो जीते जी भगवान् से मिलाने वाले, पूरे सच्चे समर्थ आध्यात्मिक सन्त सतगुरु, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी ने 28…
धर्म-कर्म: अपने अपनाए जीवों पर दया लुटाने का बहाना ढूंढने वाले, व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए सही शिक्षा सही समय पर सबको देने वाले…
धर्म कर्म: वेद वाणी सुनाने वाले, इस धरती, दुनिया के मेहमान, जानकारी लेकर ही गुरु बनाना चाहिए तो सब तरह की जानकारी अपने सतसंग में करा देने वाले, संकट में…
धर्म कर्म: बिना कोई भेदभाव किए सभी को सही शिक्षा देने वाले, अंदर की तीसरी दिव्य आँख खोलने का मार्ग नामदान देने वाले, इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु…
धर्म-कर्म: अंडा शराब मांस के सेवन से दूर रहकर पाप से बचाने, सुरत को नाम से जोड़ने वाले इस समय के पूरे समरथ सन्त कंज गुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा…
धर्म कर्म: मन को वश में करने का तरीका बताने वाले, बिगड़ती युवा पीढ़ी के लिए चिंतित, नशाखोरी के दुष्परिणामों के प्रति जन जागरण फैलाने वाले, महान समाज सुधारक, इस…
धर्म कर्म: खाने, पहनने, रहने की बहुत अच्छी व्यवस्था हो लेकिन जो बंधा हुआ रहता है, हमेशा दुखी रहता है। इस वक्त पर बंधन में बंधे पशु-पक्षी ही नहीं बल्कि…