Category: धर्म कर्म

नाम की कमाई जिन्होंने किया उन्हें ही जन्म-मरण से छुटकारा मिला: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, चौरासी लाख के चक्कर, जन्मने-मरने की भयंकर पीड़ा, और इस दुनिया के तमाम दुखों से बचाने वाले, नामदान देने के लिए…

नाम की कमाई करने वाला ही जन्म-मरण से मुक्त होगा: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, चौरासी लाख के चक्कर, जन्मने-मरने की भयंकर पीड़ा, और इस दुनिया के तमाम दुखों से बचाने वाले, नामदान देने के लिए धरती…

बाबा उमाकान्त जी ने बताया: मन पाप कर्म कब करवाता है

धर्म-कर्म: विभिन्न तरीकों से अपने अपनाए जीवों के कर्म कर्जों, लेने-देने को आराम से, हलके में ही अदा करवा कर जीवात्मा की मुक्ति मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करने वाले, इस…

रक्षाबंधन पर्व पर, बाबा उमाकान्त जी महाराज ने दिया जीव जीवन रक्षा का संदेश

धर्म-कर्म: वक़्त के समर्थ सन्त सतगुरु उज्जैन से पधारे सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज के सीकर राजस्थान में चल रहे दो दिवसीय रक्षाबन्धन सतसंग कार्यक्रम में गुरु महाराज ने रक्षाबन्धन…

वक़्त के समर्थ सन्त ही नाम जहाज को चलाने वाले होते हैं: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म: कलयुग में इस समय लगे नाम जहाज के कप्तान, कर्णधार, जवानी में ही अपना आत्म कल्याण का काम कर लेने की प्रेरणा देने वाले, जिनके रूप में ही अभी…

बिना गुरु सहारे, बिना गुरु आदेश के, आदमी कामयाब नहीं होता है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म; गुरु ही गोविंद यानी भगवान से मिलाते हैं, तो जीते जी भगवान् से मिलाने वाले, पूरे सच्चे समर्थ आध्यात्मिक सन्त सतगुरु, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी ने 28…

बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कहा: देश भक्ति और गुरु भक्ति बड़ी चीज़ है, इसे बनाये रखना

धर्म-कर्म: अपने अपनाए जीवों पर दया लुटाने का बहाना ढूंढने वाले, व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए सही शिक्षा सही समय पर सबको देने वाले…

सबको गुरु नहीं बनाना चाहिए, पानी पियो छानकर, गुरु करो जानकर: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: वेद वाणी सुनाने वाले, इस धरती, दुनिया के मेहमान, जानकारी लेकर ही गुरु बनाना चाहिए तो सब तरह की जानकारी अपने सतसंग में करा देने वाले, संकट में…

जो इश्वर से प्रेम, खुदा से मोहब्बत करने लग जाएगा वह किसी का दुश्मन नहीं रहेगा: उमाकांत जी

धर्म कर्म: बिना कोई भेदभाव किए सभी को सही शिक्षा देने वाले, अंदर की तीसरी दिव्य आँख खोलने का मार्ग नामदान देने वाले, इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु…

हिंसा-हत्या वाली चीजों को खाने से पाप लगता है, बार-बार की गलती माफ़ नहीं होती: उमाकांत जी महाराज

धर्म-कर्म: अंडा शराब मांस के सेवन से दूर रहकर पाप से बचाने, सुरत को नाम से जोड़ने वाले इस समय के पूरे समरथ सन्त कंज गुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा…