Category: धर्म कर्म

शाकाहारी दिवस पर बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कहा- शाकाहारी भोजन दीर्घायु जीवन का मूल मंत्र

धर्म कर्म: देश विदेश में शाकाहार सदाचार और जीव दया की शिक्षा देने वाले उज्जैन के पूज्य संत बाबा उमाकांत जी महाराज ने विश्व शाकाहार दिवस पर राजस्थान अलवर के…

पितृ पक्ष 2023: इस बार 16 दिन के होंगें पितृ पक्ष, जानें क्या है श्राद्ध का नियम….

Pitrau Paksh 2023: पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए सबसे अच्छा अवसर होता है. इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर से हो रही है…

छोटे बनो, सबकी सुनो, सबकी सहो, यही है सन्त मत: उमाकान्त जी महाराज

धर्म कर्म: इस समय के महापुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने (हरियाणा) में दिए संदेश में बताया कि गुरु भाइयों का रिश्ता बहुत…

ऐसा कोई काम मत करना, जिससे किसी की जान जाए: सन्त बाबा उमाकान्त जी

धर्म कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी जानशीन, स्वामी जी अब डोर हिला कर जिनके पास भेज रहे हैं, जिनके माध्यम से ही अब स्वामी जी अपनी बात…

पितृपक्ष में कैसे करें पिंडदान और तर्पण, जानिए श्राद्ध कर्म की विधि

Pitru tarpan pind daan Vidhi : पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष का प्रारंभ भाद्र पूर्णिमा से होता है जो आश्‍विन माह की अमावस्या तक रहता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस…

प्रार्थना ऐसी करनी चाहिए जिससे सुनवाई हो जाये: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म : इतिहास से पन्नों से मिलने वाली शिक्षा को बताने समझाने वाले, वक़्त के युगपुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकांत जी महाराज ने बताया कि,…

गणेश चतुर्थी पर गलती से देखा है चांद तो घबराएं मत, बस अपनाएं ये उपाय …

#गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से लगता है मिथ्या कलंक #भागवत की स्यमंतक मणि की कथा सुनें Ganesh Chaturthi 2023: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन चांद…

Anant Chaturdashi 2023: भगवान विष्णु को लगाएं इन फलाहारी पकवानो का भोग

Anant Chaturdashi 2023: सनातन धर्म में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विधान है। कई…

पितृ पक्ष 29 से, जानिए श्राद्ध पक्ष की तिथि और पिंडदान की विधि…

पितरों को समर्पित पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है. इस समय अपने पितरों की तृप्ति और शांति के लिए श्राद्ध, तर्णन और पिंडदान करने की परंपरा…

भारत जैसे धर्म परायण देश में बच्चे-बच्चियों के चरित्र का गिरना दुर्भाग्यपूर्ण: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म : समाज में फैली तमाम विसंगतियों के मूल कारण और उन्हें दूर करने के सरल उपाय बता कर मानव, परिवार, समाज और देश तथा बुनियादी मूल्यों के तेजी से…