Tag: Baba Umakant ji

सुमिरन, ध्यान, भजन सीखकर करने लग जाओगे तो कर्म नष्ट होंगे: संत उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत उमाकांत जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि सुमिरन, ध्यान और भजन जैसी साधनाएं न केवल आत्मिक शांति देती हैं, बल्कि जीव के संचित…

बाहरी पूजा-पाठ से नहीं बल्कि अंदर की साधना से मिलता है प्रभु का दर्शन: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: बाबा जयगुरुदेव आश्रम, मक्सी रोड, उज्जैन पर आयोजित मासिक त्रयोदशी भंडारा पर्व पर पूरे समर्थ सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज के सतसंग व् नामदान कार्यक्रम का लाभ लेने के…

आज के युग में बच्चों और लोगों की रक्षा, तकलीफों में आराम पाने का महामंत्र जयगुरुदेव नामध्वनि

धर्म कर्म: बिगडती युवा पीढ़ी को बचाने, सबकी बीमारी-तकलीफों-टेंशन में आराम दिलाने के लिए जयगुरुदेव नाम ध्वनि में शक्ति भर देने वाले, इस समय के पूरे समर्थ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता,…

कोरोना तो ट्रेलर था, भविष्य में इससे भी खतरनाक बीमारियां आएंगी: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: इस समय के पूरे त्रिकालदर्शी समर्थ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बताया कि, यह जो भजन, सुमिरन, ध्यान करना और जो (पांच) नाम है,…

जो एक साल में वक़्त के गुरु का दर्शन नहीं करता, उसे मुक्ति-मोक्ष नहीं ,मिलता है: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: जिनके दर्शन किये हुए व्यक्ति के दर्शन करने मात्र से ही भरपूर दया कृपा जीवों को मिल जाती है, अंदर साधना में जिनके नूरानी रूप को देखने के बाद…

ज्यादा लोभ-लालच करने वाले ठग जाते हैं, सावधान रहो: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: अंदर साधना में और बाहर दुनिया में दोनों जगह होने वाली ठगी से सावधान करने वाले, राज कराने वाले, जीव हित में चाहे कड़क बोलना पड़े लेकिन पीछे न…

बीमारियों-पाप कर्म से बचो, अंडा, मांस, मछली, शराब आदि का सेवन छोड़ो: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: देश, समाज, परिवार और व्यक्ति के लिए अति नुकसानदायक शराब और मांसाहार के नेगेटिव परिणामों को रेखांकित कर समाजोत्थान में निरंतर लगे, इस वक़्त के पूरे समरथ सन्त सतगुरु…

जन्माष्टमी पर बावल, रेवाड़ी में बरसेगी बाबा उमाकान्त जी महाराज की कृपा, 25, 26 अगस्त को होगा नामदान व सतसंग कार्यक्रम

धर्म-कर्म: बहुत समय तक नर्क व चौरासी में तकलीफ पाने के बाद यह देव दुर्लभ शरीर हमको-आपको मिला है। इसमें भगवान का दर्शन जब मिल जाता है तब हर तरह…

बाबा उमाकान्त जी ने बताया: मन पाप कर्म कब करवाता है

धर्म-कर्म: विभिन्न तरीकों से अपने अपनाए जीवों के कर्म कर्जों, लेने-देने को आराम से, हलके में ही अदा करवा कर जीवात्मा की मुक्ति मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करने वाले, इस…

वक़्त के समर्थ सन्त ही नाम जहाज को चलाने वाले होते हैं: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म: कलयुग में इस समय लगे नाम जहाज के कप्तान, कर्णधार, जवानी में ही अपना आत्म कल्याण का काम कर लेने की प्रेरणा देने वाले, जिनके रूप में ही अभी…

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