Category: धर्म कर्म

Sawan Purnima 2023: कब है सावन की आखिरी पूर्णिमा, जानिए सही तिथि व स्नान-दान का महत्व

Sawan Purnima 2023: हिंदू धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व है। श्रावण मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को श्रावण पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन स्नान-दान करने…

सन्त विधि के विधान को भी टाल देते हैं: बाबा उमाकांत जी महाराज

धर्म-कर्म : अपने भक्तों के लिए विधि के विधान को भी टाल देने वाले, जो प्रारब्ध में नहीं है उसे भी अब तो रूटीन में देने वाले, वक़्त के पूरे…

आत्मा को मुक्ति परमात्मा के पास पहुँचने पर ही मिलती है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: बाबा जय गुरु देव के उत्तराधिकारी, इस समय के महापुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी ने बताया कि बराबर संतसग सुनते रहना चाहिए। यूट्यूब…

Ekadashi Vrat 2023: जानें कब है सावन की आखिरी एकादशी, क्या है पूजा -विधि …

Ekadashi 2023: हिन्दू धर्म में एकादशी का बड़ा महत्व है। उसमे सावन के महीने में पड़ने वाली एकादशी का महत्त्व और बढ़ जाता है | इस माह में पुत्रदा एकादशी…

सन्त उमाकांत जी ने बताया कैसे चौरासी लाख योनियों में जीवात्मा को सजा भोगनी पड़ती है

धर्म-कर्म : जीवात्मा को नरकों की भयंकर पीड़ा से, चौरासी लाख योनियों के लम्बे चक्कर से बचा कर मुक्ति मोक्ष का रास्ता नाम दान देने वाले, इस समय के महापुरुष,…

बाबा उमाकांत जी ने बताया, जयगुरुदेव मानने वालों को दुनिया वाले कैसे पहचानते, कैसे व्यवहार करते हैं

धर्म-कर्म : जयगुरुदेव नाम की अलौकिक शक्ति का इजहार अपने सब भक्तों में कराने वाले, दुनिया में जयगुरुदेव नाम का लोहा मनवाने वाले, मौज के धनी, प्रेम और तड़प से…

छोटी चीजें तो बहुत जगह मिल जाती हैं लेकिन, बड़ी चीज पाना चाहो तो बड़ी जगह पर ही मिलेगी: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, भक्तों पर दया लुटाने के, तकलीफों में आराम दिलाने के, सही जगह धन को खर्च करवा कर आने वाले बड़े संकट से…

हाथ जोड़कर विनय हमारी, तजो नशा बनो शाकाहारी, छोड़ो व्यभिचार बनो ब्रह्मचारी, सतयुग लाने की करो तैयारी: बाबा उमाकांत जी ने बताया इसका अर्थ

धर्म-कर्म : बने तो गुरु से बने नहीं तो बिगड़े भरपूर, स्वामी बने जो और से, उस बनने पर धूल – गोस्वामी जी के इस वचन को चरितार्थ और साकार…

सुखी रहने के लिए शरीर से सेवा करनी चाहिए: बाबा उमाकांत जी महाराज

धर्म-कर्म : त्रिकालदर्शी यानी तीनों कालों (भूत, भविष्य और वर्तमान) को देखने जानने वाला, तो गहराई से समझने की बात है कि इस समय के महापुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु,…

हरियाली तीज आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधान

हरियाली तीज का पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। सावन में चारों तरफ हरियाली होती है इसलिए इसे हरियाली तीज का नाम दिया…