Category: धर्म कर्म

Pitru Paksha 2024: इस दिन से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष

Pitru Paksha 2024 Date: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का काफी खास महत्व है, पितृ पक्ष हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या पर…

जन्माष्टमी पर उमाकान्त जी महाराज ने रेवाड़ी आश्रम में दिया सतसंग व नामदान

धर्म कर्म: जीवात्मा को सतलोक जयगुरुदेव धाम ले चलने वाले, इस समय के महापुरुष, दुःखहर्ता, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, उज्जैन के बाबा उमाकान्त जी महाराज ने जन्माष्टमी सतसंग कार्यक्रम में…

इस शुभ मुहूर्त पर करें जन्माष्टमी का पूजन, बन रहा रोहिणी योग

Krishna Janmashtami Puja Time 2024: आज पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है. हर कोई कृष्ण की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है. आज का दिन बहुत शुभ…

जिसको माता कहो, जिसका दूध पियो, उस गौ माता का मांस मत खाओ: बाबा उमाकान्त जी

धर्म-कर्म: गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने और गौ हत्या पर फांसी की सजा का प्रावधान बनाने की प्रार्थना करने वाले, गौ सेवक, गाय ही नहीं सभी पशु-पक्षियों की हत्या को…

Janmashtami 2024: जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है, जाने क्या है शुभ मुहूर्त

Janmashtami 2024: जन्माष्टमी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की…

जन्माष्टमी पर बावल, रेवाड़ी में बरसेगी बाबा उमाकान्त जी महाराज की कृपा, 25, 26 अगस्त को होगा नामदान व सतसंग कार्यक्रम

धर्म-कर्म: बहुत समय तक नर्क व चौरासी में तकलीफ पाने के बाद यह देव दुर्लभ शरीर हमको-आपको मिला है। इसमें भगवान का दर्शन जब मिल जाता है तब हर तरह…

सुमिरन, ध्यान, भजन करना और सतसंग सुनना नहीं भूलना चाहिए: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, जीते जी मुक्ति-मोक्ष पाने का मार्ग नामदान देने के अधिकारी, अपने सतसंग जल से कर्मों की मैल को धोने वाले, साधना…

नाम की कमाई जिन्होंने किया उन्हें ही जन्म-मरण से छुटकारा मिला: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, चौरासी लाख के चक्कर, जन्मने-मरने की भयंकर पीड़ा, और इस दुनिया के तमाम दुखों से बचाने वाले, नामदान देने के लिए…

नाम की कमाई करने वाला ही जन्म-मरण से मुक्त होगा: उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, चौरासी लाख के चक्कर, जन्मने-मरने की भयंकर पीड़ा, और इस दुनिया के तमाम दुखों से बचाने वाले, नामदान देने के लिए धरती…

बाबा उमाकान्त जी ने बताया: मन पाप कर्म कब करवाता है

धर्म-कर्म: विभिन्न तरीकों से अपने अपनाए जीवों के कर्म कर्जों, लेने-देने को आराम से, हलके में ही अदा करवा कर जीवात्मा की मुक्ति मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करने वाले, इस…