Category: धर्म कर्म

अन्न को बर्बाद मत करो, इसकी इज्जत करो: बाबा उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: इस समय के त्रिकालदर्शी, पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बताया कि, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान रखना, परहेज करना पड़ता…

गुरु महाराज द्वारा लाए नाम रूपी जहाज में जो बैठेगा, पार हो जाएगा: बाबा उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: अपने अपनाए हुए जीवों की पूरी जिम्मेदारी लेने वाले, कलयुग में आत्म कल्याण के एकमात्र सफल मार्ग- नाम जहाज को चलाने वाले, प्रेम श्रद्धा विश्वास से पुकारो तो तुरंत…

अंदर में जो राम का चरित्र हो रहा है, तरीका मालूम होने पर दिखाई पड़ेंगे: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि लोग कैसे…

गीता रामायण पुस्तकें गलत नहीं, मार्गदर्शिका: बाबा उमाकान्त जी महाराज

धर्म-कर्म: इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने बताया कि भारत धार्मिक देश है। धर्म की बेल यहीं से पूरे विश्व में…

इसी जीवन में पार होना है या भवसागर में डूबना है, सब आपके ऊपर निर्भर करता है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: जीवन में किये ख़राब कर्मों की वजह से यमदूतों द्वारा अंत समय पर दी जाने वाली भारी पीड़ा से बचने का रास्ता नामदान देने वाले, इसी जन्म में…

जाति का नहीं बल्कि मन, चित, बुद्धि, अंतःकरण को धोने वाला धोबी हूँ: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म; निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, जिनके रूप में ही अब स्वामी जी महाराज सब जीवों की संभाल हर तरह से कर रहे हैं, सबके कर्मों को…

उमाकान्त जी महाराज ने समझाया तीर्थ यात्रा में पाप कम होने की बजाय, बढ़ जाता है

धर्म कर्म: कर्मों को कटवाने के नाना उपाय निकालने, बताने वाले, जीवात्मा को निष्कर्म कर अपने असला देश सतलोक जयगुरुदेव धाम ले चलने वाले, वक़्त गुरु, पूरे समरथ सन्त, दुःखहर्ता,…

अपनी जीवात्मा की रक्षा वही कर सकता है जो जीवों पर दया करता है: उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: निजधामवासी बाबा जयगुरुदेव जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, अपने गुरु के चिन्ह के रूप में उनकी याद को चिरकाल तक बनाये रखने वाले, मंदिर तो एक जरिया है लेकिन…

सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने समझाया, जीवात्मा शब्द को कब पकड़ पाती है

धर्म कर्म: जीवात्मा को भवसागर पार करने के लिए कलयुग में आसान कर दी गयी सुरत शब्द नाम योग साधना का मार्ग बताने, समझाने, चलाने और लक्ष्य की प्राप्ति कराने…

काल के जाल में फंसी हुई जीवात्माओं को निकालने के लिए परमात्मा सन्तों के रूप में खुद आते हैं

धर्म कर्म: पूरे समर्थ गुरु का महत्त्व, महिमा अनिवार्यता को समझाने वाले, निगुरा यानी बिना गुरु किये हुए अपना समय व्यर्थ न करने की शिक्षा देने वाले, जिनके रूप में…