Category: धर्म कर्म

जिस मिट्टी-पत्थर के घर को अपना घर कहते हो, सच पूछो तो ये अपना घर नहीं है: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म: तन मन धन को परोपकार में लगाने की प्रेरणा देने वाले, पाप से बचाने वाले, गृहस्थ आश्रम में प्रभु प्राप्ति का रास्ता बताने वाले, अपने असली घर सतलोक जयगुरुदेव…

आपके बच्चों, अच्छे समाज और बड़े सुधार के लिए प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म: ज्यादा से ज्यादा जीवों को आगामी कुदरत के प्रकोप से बचाने के लिए तरह तरह से जतन करने वाले, आने वाली पीढ़ियों के लिए, समाज के उत्थान के लिए,…

बाबा जयगुरुदेव जी के मंदिर से कोई खाली नहीं जाता है: संत उमाकांत जी महाराज

धर्म कर्म: निजधाम वासी बाबा जयगुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी, कर्म काटने के आसान से आसान उपाय बताने वाले, कर्मों की सजा से बचाने वाले, बिगड़े को सुधारने वाले, जान बचाने…

परमात्मा न कभी मां के पेट में गया और न जाएगा: बाबा उमाकांत जी महाराज

धर्म-कर्म : जीवात्मा को जीते जी मुक्ति मोक्ष निर्वाण दिलाने का रास्ता पांच नामों का नामदान देने के इस समय इस धरती पर एकमात्र अधिकारी, प्रभु के बारे में गहरी…

सत्संग की धारा बह चुकी है, अब ये रुकने वाली नहीं है: बाबा उमाकांत जी

धर्म-कर्म : सब जीवों के परम पिता सतपुरुष द्वारा इस मृत्युलोक में दुःख दूर कर अपने निज घर ले चलने के लिए अपनी पूरी पॉवर देकर भेजे गए इस समय…

बाबा उमाकांत जी ने बताये खाने-पीने, आने-जाने, दिशा, पाचन आदि के देसी नुस्खे

धर्म-कर्म : महाराज जी ने बताया कि ग्रहण नक्षत्र, लोग कहते हैं, इनको राहु केतु लग गया, इनको यह लग गया, वह लग गया। असर तो इनका थोड़ा बहुत होता…

बिल्ली वाली कहानी से बाबा उमाकांत जी ने समझाया कि, टेकी नहीं बनना चाहिए

धर्म-कर्म : समाज की कुरीतियों को दूर करने वाले भारत के महान समाज सुधारक, सब बात सरलता से समझा देने वाले, सतयुग आगमन की घोषणा करने वाले, ध्वन्यात्मक पांच नाम…

मांसाहार बंद नहीं हुआ तो आगे बहुत गर्मी पड़ेगी, हवा जहरीली और धरती की उपजाऊ शक्ति बहुत कम हो जाएगी

धर्म-कर्म: इस पूरी सृष्टि के संचालनकर्ता, कभी न थकने वाले, मनुष्य के न रुक रहे गलत कर्मों से देवी-देवताओं प्रकृति की बढ़ती नाराजगी को और उनके सजा देने की तत्परता…

बाबा उमाकांत जी ने बताया, शिष्य द्वारा गुरु को सर्वस्व देने का अर्थ

धर्म-कर्म : विधि के विधान की हर बारीकी जानने समझने वाले, सभी जीवों से प्रेम करने वाले, अंतर के मानसरोवर में जीवात्मा को स्नान कराने वाले, उपरी दिव्य लोकों में…

बगैर मेहनत के खाने पर पुण्य कर्म सिद्धियां कम होती है: बाबा उमाकान्त महाराज

धर्म-कर्म : मुक्ति मोक्ष प्राप्त करने का एकमात्र तरीका नामदान देने के धरती पर एकमात्र अधिकारी, साधना में प्राप्त होने वाली छोटी-मोटी शक्तियों, सिद्धियों में न फंसने और उससे भी…